Input Device Kya Hai

Input Device Kya Hai? और इसके प्रकार -What is input Device?

 

Input Device Kya Hai? और इसके प्रकार -What is input Device?-Techno Ganpat

What is input device
Input device

 

दोस्तों आज हम जानेंगे कि Computer कि Input Device Kya Hai? दोस्तों Computer कि Input Device के बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे और लगभग सभी Exams में ये प्रशन जरुर पूछा जाता है कि Computer कि Input Device क्या है ? तो आइये जानते है Computer कि Input Device के बारे में –
 
इनपुट डिवाइस (Input Device Kya Hai)
 
वे सभी उपकरण, जो Computer को डाटा एवं निर्देश देने में काम आते है, Input Device कहलाते है | उदाहरण :- की – बोर्ड, माउस, मेग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकोग्निशन, ऑप्टिकल कैरेक्टर रीडर, ऑप्टिकल मार्क रेकोग्निशन, स्कैनर, बार कोड रीडर, टच स्क्रीन, जॉयस्टिक, लाइटपेन, और आवाज या ध्वनि Input इतियादी |
 
 
Input Device के उपकरण-
की – बोर्ड (Keyboard)
 
दोस्तों की- बोर्ड के बारे में मैं पहले आपको बता चूका हूँ पढने के लिए की – बोर्ड क्या है लिंक पर क्लिक करे :-
ये भी पढ़े :- What is a Keyboard? – Techno Ganpat
माउस (Mouse)
 
दोस्तों माउस के बारे में मैं आपको पहले ही एक पोस्ट में पूरा वर्णन करके बता चूका हूँ कि माउस क्या है ? इसके बारे में जानने के लिए निचे लिंक पर जाकर आप पढ़ सकते है –
मेग्नेटिक इंक कैरेक्टर रेकोग्निशन  
इस उपकरण में मनुष्य और मशीन द्वारा समझी जा सकने वाली प्रणाली की सहायता से Input किये गए जाने वाले डाटा को एक सामान्य कागज पर लिखा जाता है | इसमें अक्षरों को लिखने के लिए एक विशेष प्रकार के प्रिंटिंग फॉण्ट प्रयुक्त होते है इस फॉण्ट में प्रत्येक अक्षर खड़ी लकीरों से बना होता है | वह अक्षर चुम्बकीय प्रदार्थ मिश्रित एक विशेष स्याही से लिखे जाते है , जब कोई अक्षर पढ़ा जाता है तो उसे MICR के रीडिंग हेड के निचे से गुजारते है जो कि बड़े तथा छोटे अन्तराल को क्रमश 1 बिट तथा पर रूप में पढता है | यह विधि मुख्य रूप से बेंको कि कोड संख्या ग्राहक खाता क्रमाक तथा चेक कि राशी प्रदर्शित करता है |
MICR के लाभ –
MICR पढने की शुद्धता बहुत अच्छी होती है |
इस प्रद्ती मर तैयार किये गए डाटा को मशीन व मनुष्य दोनों ही पढ़ सकते है |
MICR में डाटा Input की गति बहुत अधिक होती है |
MICR की हानिया –
इस प्रद्ती के लिए डाटा को तेयार करने में समय अधिक लगता लगता है |
सिर्फ विशेष फॉन्ट तथा विशेष स्याही से तेयार किये गए डाटा को ही पढ़ने में सक्षम है |
ऑप्टिकल कैरेक्टर रीडर
 
OCR का मतलब ऑप्टिकल कैरेक्टर रीडर होता है | OCR में भी डाटा लिखने के लिए अक्षरों का एक मानक सेट होता है जो मनुष्य तथा मशीन द्वारा सामान रूप से पढ़ा जा सकता है | OCR द्वारा डाटा पढ़ने का कार्य लाइट स्कैनिंग विधि द्वारा किया जाता है जिसमे प्रत्येक अक्षर को एक प्रकाश स्रोत से प्रकाशित किया जाता है तथा उसके पर्तिबिम्ब को OCR में निचे कि और रखी फोटो सेंसेटिव प्लेट पर प्राप्त करके उनसे डाटा पढ़ा जाता है | OCR प्रणाली हस्तलिखित डाटा को भी पढ़ सकती है |
OCR के लाभ –
OCR के प्रयोग द्वारा पुनः डाटा तेयार करने कि आवश्यकता नहीं होती है |
OCR हस्तलिखित या टाइप किये हुए प्रपत्र से डाटा प्रविष्ट का सकता है |
OCR कि हानिया –
OCR एक अत्यधिक महंगी प्रणाली है |
OCR में कुछ विशेष प्रकार के फॉण्ट का ही इस्तेमाल होता है |
ऑप्टिकल मार्क रिकोग्निशन
ऑप्टिकल मार्क रिकोग्निशन उपकरण में न तो किसी विशेष स्याही तथा न ही किसी विशेष फॉन्ट का इस्तेमाल होता है अपितु यहाँ सबसे पहले Input कि जाने वाली सभी सूचनाओ को एक सादे कागज पर प्रिंट करके विशेष प्रपत्र तेयार किया जाता है | प्रपत्र तेयार होने के पश्चात् प्रयोक्ता उस समय Input कि जाने सुचना को प्रपत्र पर चिन्हित करता है |  जब सारा डाटा चिन्हित हो जाता है तो इस प्रपत्र को OMR के अन्दर दल देते है | ऑप्टिकल मार्क रिकोग्निशन उपकरण में भी डाटा पढने का कार्य लाइट स्कैनिंग विधि द्वारा किया जाता है |
 
स्कैनर
 
स्कैनर एक ऐसा उपकरण है जिसके माध्यम से ग्राफिक सूचनाओ एवं मूल प्रपत्र आधारित सुचना को सीधे ही प्रवेश कराया जाता है | इसे स्रोत डाटा स्वचलन कहते है | स्कैनर के द्वारा सर्वप्रथम सुचना को स्कैन और डिजिटाइज करने के लिए लेसर तकनीक प्रयुक्त कि जाती है | जिसके अंतर्गत किसी भी प्रिंटेड सुचना को इलेक्ट्रॉनिक कोड में रूपांतरित किया जाता है जिसे कंप्यूटरो पर संचित किया जा सकता है तथा आवश्यकतानुसार सम्पादित भी किया जा सकता है | स्कैन कि जाने वाली सुचना हस्तलिखित,  छायाचित्र, रेखाचित्र, आदि कुछ भी हो सकती है | एक बार स्कैन हो जाने एवं Computer प्रणाली में संचित हो जाने के बाद, इमेज को पुनः प्राप्त किया जा सकता है, प्रिंट किया जा सकता है, उसे किसी अन्य सुचना के साथ मिलाया जा सकता है |
स्कैनर दो प्रकार के होते है –
पेज स्कैनर – ये एक पुरे पेज पर अंकित सुचना को एक साथ स्कैन कर सकता है |
हैण्ड स्कैनर –  इसकी चोड़ाई लगभग 5 इंच होती है | अत: छोटी – छोटी इमेजो को स्कैन करने में ही इसका उपयोग होता है |

बार कोड रीडर
यदि आपको किसी सुपर मार्किट या डिपार्टमेंटल स्टोर से खरीददारी  करने का मोका मिला हो तो अपने देखा होगा कि जब हम सभी सामान लेकर, काउंटर पर भुगतान के लिए आते है तो वहां बैठा Computer ऑपरेटर हमारे सामानों में से एक – एक करके सामान उठाता है तथा उसके किसी शेत्र पर एक मशीन रखकर पुनः हमारा सामान रख देता है तथा इस प्रकार वह सभी सामान के साथ करता है | वास्तव में उसके हाथ में जो मशीन होती है उसे बार कोड रीडर कहते है तथा उसकी सहायता से वह प्रत्येक सामान पर लगे बार कोड को पढ़कर उसकी किमत को Computer में Input करता है | बार कोड कुछ अलग – अलग मोटाई कि विभिन लाइने है जो कि सामान कि कोड संख्या अथवा उसकी कीमत को निरुपित करती है | जिस कोडिंग पद्धति  का प्रयोग बार कोड में किया जाता है उसे यूनिवर्सल प्रोडक्ट कोड कहा जाता है | यह प्रद्ती लाइने कि मोटाई तथा उनके बिच के रिक्त स्थान पर आधारित होती है | जिन मशीन कि सहायता से इन बार कोड को पढ़ा जाता है, उन्हें बार कोड रीडर या स्कैनर कहते है | ये बार कोड रीडर दो आकारों के होते है – छोटे आकारो का जिसे उठाकर ऑपरेटर सामान पर लगे बार कोड पर रखकर, स्कैनर के ऊपर लगे बटन को दबाता है जिससे बार कोड के रूप में संचित सुचना Computer कि मेमोरी में संचित हो जाती है | दूसरा बार कोड रीडर आकार में बड़ा होता है जो कि अपने स्थान पर स्थाई रूप से लगा होता है | यहां सामान को बार कोड रीडर के सामने से गुजारना पड़ता है जिससे वह बार कोड को पढ़कर उसकी सुचना को Computer कि मेमोरी में संचित कर देता है |
 
टच स्क्रीन
टच स्क्रीन एक विशेष प्रकार का मॉनिटर होता है जो कि किसी भी प्रकार के स्पर्श के प्रति संवेदनशील होता है | 1984  में हेवलेट पेकार्ड कंपनी द्वारा विकशित कि गई इस विशेष स्क्रीन को सिमित मात्रा में डाटा तथा निर्देश Input करने के लिए प्रयोग लिया जाता है |  टच स्क्रीन के चारो और अतिसूक्ष्म माइक्रोवेव किरणों का एक जाल सा बना होता है | जब प्रयोक्ता किसी सुचना प्राप्ति के लिए स्क्रीन के किसी भाग को छुता है तो उस स्थान पर वह जाल टूट जाता है तथा संकेत CPU तक पहुच जाता है | सामान्यत यह उन सॉफ्टवेयर प्रोग्रामो में काम लिया जाता है जहाँ Input कि जाने वाली सुचनाऐ एक साथ स्क्रीन पर उपबल्ध होती है |
जोयस्टिक
 
यह भी Computer से सम्बंधित एक Input Device है जोकि सामान्यत Computer पर गेम खेलने के काम आता है | यह एक लम्बा सा लीवर या छड है जो कि एक गेंद कि सहायता से अपने आधार से जुडी होती है | इस लीवर को पकड़ कर जिस दिशा में घुमाया जाता है, स्क्रीन पर पॉइंटर उस दिशा में घूम जाता है |
लाइटपेन
 
माउस, जॉयस्टिक आदि के जैसे लाइट पेन भी एक पोइंटिंग Input Device है | स्क्रीन पर उपस्थित विभिन सूचनाओ को चुनने तथा स्क्रीन पर ही चित्र बनाने के लिए लाइट पेन का प्रयोग किया जाता है | एक रौशनी संवेदी डायोड इस पेन के निब के स्थान पर लगा होता है | जब पेन को स्क्रीन के पास ले जाया जाता है तो यह निब मॉनिटर की रौशनी को महसूस करता है तथा जिस स्थान पर भी इस पेन को रखा जाता है वहां स्थित सुचना के संकेत CPU को भेज देता है | सामान्यत इसका प्रयोग AUTO CAD आदि प्रोफेसनल ड्राइंग सॉफ्टवेयरों में ड्राइंग बनाने के लिए किया जाता है | कुछ प्रोग्रामो में मेनू तथा उसके कमांड को चुनने में भी लाइट पेन का प्रयोग किया जाता है |
आवाज या ध्वनी Input
 
आज Computer के शेत्र में सबसे अधिक अनुसन्धान प्रयोक्ता तथा Computer के मध्य के वार्तालाप को आसान बनाने कि और किये जा रहे है | विभिन Input उपकरणों को बनाने के बाद अब इस और ध्यान दिया जा रहा है कि किस प्रकार को मनुष्य  कि भाषा समझने या पहचानने के लायक बनाया जाये | यदि संभव हो जाये तो डाटा Input करने के लिए की-बोर्ड कि कुंजिया दबाने या अन्य किसी भी Input उपकरण के प्रयोग कि आवश्यकता ही समाप्त हो जाएगी | अब प्रयोक्ता अपने Computer से जुड़े माइक्रोफ़ोन कि सहायता से बोलकर Computer को निर्देश  अथवा डाटा Input करवा सकता है |  ध्वनी पहचान तकनीक प्रयोक्ता कि आवाज के ध्वनी संकेतो को डिजिटल संकेतो में परिवर्तित करके Computer को निर्देश देती है | यह तकनीक अभी तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हुई है लेकिन  आज भी ऐसे कुछ सॉफ्टवेयर है जो प्रयोक्ता कि आवाज में ऑडियो निर्देश प्राप्त कर अपना कार्य करते है तथा प्रयोक्ता कि आवाज में डाटा प्राप्त करते है | ड्रेगन डिक्टेटर एक ऐसे ही सॉफ्टवेयर का उदाहरण है |
दोस्तों आज के इस अध्याय में हमने जाना कि Computer कि Input Device Kya Hai? और वो कौन-कौनसी है ? दोस्तों पोस्ट अगर अच्छी लगे तो शेयर जरुर करे जिससे किसी और को भी जानकारी का फायदा हो | तथा दोस्तों अगर कुछ भी समझ में नहीं आये तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरुर बताये Input Device Kya Hai?

 

1 thought on “Input Device Kya Hai? और इसके प्रकार -What is input Device?”

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